Wednesday, September 2, 2015

क्या पता ..

क्या पता ये जिंदगी हमे कहां ले जायेगी
कोनसे रुख सामने लायेगी
हम तो ठेहरे मुसाफीर इस जिन्दगी के 
क्या पता कोनसे लम्हे सामने लायेगी 
इस वक्त मे 
क्या पता कोनसे जख्म उभार आयेंगे
कोनसे मोड क्या पता कहां ले जायेंगे 
जी भर के जिने के लम्हे जाणे कब आयेंगे 
हम तो चाहते हे इस जिंदगी को 
तो क्या ये हमसे भी उतना ही प्यार करेगी
क्या पता ये जिंदगी हमे कहां ले जायेगी 
क्या पता ये जिंदगी हमे कहां ले जायेगी 
                                   ---अव्यक्त 

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