ए जिंदगी कूछ रिश्ते अधुरे छोड के आ रहा हुं
कूछ ख्वाबो को पुरा करणे आ राहा हुं
क्या पतां कब मिल जाये मेरी तकदीर मुझे
कूछ वादे निभाने आ राहा हुं
क्या पता कल का सुरज सामने क्या वक्त लायेगा
पर पतां नही कल के सामने मेरा मन क्या साथ निभायेगा
मे नाही चाहता की मे यहां से हार के लोट जाऊ
क्युंकी अब जितने का जुनून सर चढा हे मुझे
बस हसते हुये ये जिंदगी जिना चाहता हुं
बस हसते हुये ये जिंदगी जिना चाहता हुं
ए जिंदगी कूछ रिश्ते अधुरे छोड के आ रहा हुं
कूछ ख्वाबो को पुरा करणे आ राहा हुं
---अव्यक्त
कूछ ख्वाबो को पुरा करणे आ राहा हुं
क्या पतां कब मिल जाये मेरी तकदीर मुझे
कूछ वादे निभाने आ राहा हुं
क्या पता कल का सुरज सामने क्या वक्त लायेगा
पर पतां नही कल के सामने मेरा मन क्या साथ निभायेगा
मे नाही चाहता की मे यहां से हार के लोट जाऊ
क्युंकी अब जितने का जुनून सर चढा हे मुझे
बस हसते हुये ये जिंदगी जिना चाहता हुं
बस हसते हुये ये जिंदगी जिना चाहता हुं
ए जिंदगी कूछ रिश्ते अधुरे छोड के आ रहा हुं
कूछ ख्वाबो को पुरा करणे आ राहा हुं
---अव्यक्त
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